ई-टेंडर घोटाला: मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के दो पूर्व निजी सचिव गिरफ्तार

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मध्य प्रदेश पुलिस आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने बीजेपी शासन के दौरान हुए कथित ई-टेंडर घोटाले की जांच के सिलसिले में पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा के दो पूर्व निजी सचिवों को गिरफ्तार किया है। ईओडब्ल्यू की टीम ने शनिवार सुबह इन दो अधिकारियों के ठिकानों की तलाशी भी ली थी। वही दूसरी ओर, पूर्व मंत्री मिश्रा ने कमलनाथ सरकार को सबूतों के साथ सामने आने की चुनौती देते हुए कहा कि मामले में केवल छोटी मछलियों को निशाना बनाया जा रहा है।

ईओडब्ल्यू के महानिदेशक के एन तिवारी ने कहा कि दो सरकारी अधिकारियों वीरेंद्र पांडे और नीलेश अवस्थी (पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्र के दोनों पूर्व सचिव) को ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में अनियमितता के मामले में शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया, “हमने शनिवार को उनके आवासों की तलाशी भी ली और कुछ दस्तावेज जब्त किए हैं।”

वहीं, ईओडब्ल्यू के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद दोनों अधिकारियों ने बेचैनी की शिकायत की इस पर दोनों को यहां जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और इस साल एफआईआर दर्ज होने के बाद ईओडब्ल्यू द्वारा अवस्थी और पांडे से कई बार पूछताछ की जा चुकी है।

ईओडब्ल्यू की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया करते हुए पूर्व मंत्री ने इसे राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करार दिया। उन्होंने कहा, ”जब ई-टेंडरिंग प्रक्रिया में छेड़छाड़ की बात सामने आई, तो हमने जांच का आदेश दिया था। इसके विपरीत वर्तमान सरकार ने उन एजेंसियों को ठेके दिये हैं जिनके खिलाफ पिछली सरकार ने इस अनियमितताओं में जांच का आदेश दिया था।” मिश्रा ने कहा, ”मैं कमलनाथ को चुनौती देता हूं कि वे तथ्यों और प्रमाणों के साथ आगे आएं। जिसमें हमें छेड़छाड़ की शिकायतें मिलीं थीं वे सभी टेंडर हमने रद्द कर दिये थे। न तो काम पूरा हुआ, न ही उन्हें कोई भुगतान किया गया।”

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